अंतरटॉनिक बीड़ी फूँकती हो अवंतिका चुंबन में श्रम का स्वाद पाता हूँ देसी पीती हो अवंतिका श्वास में नींद की गंध पाता हूँ गुटखा खाती हो अवंतिका जीभ पर रक्त का स्पर्श पाता हूँ जुलूस में जाती हो अवंतिका पसीने में तुम्हारे दिवास्वप्न पाता हूँ
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